
वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज़ डिस्ट्रिक्ट हेड चित्रसेन घृतलहरे(पेंड्रावन)सारंगढ़-बिलाईगढ़, 23 जुलाई 2025// प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को आवास दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई योजना अब भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती दिख रही है। जिले के कई ग्रामीण इलाकों से यह शिकायतें सामने आ रही हैं कि “आवास सत्यापन” के नाम पर ग्रामीणों से जबरन हजारों रुपए वसूले जा रहे हैं।
जहां एक ओर केंद्र सरकार गरीबों को सिर पर छत देने के लिए करोड़ों की योजनाएं चला रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ जिम्मेदार कर्मचारी ही गरीबों के हक पर डाका डालने में लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सत्यापन प्रक्रिया में शामिल कर्मचारी खुलेआम पैसा मांग रहे हैं और धमकी दे रहे हैं कि यदि पैसा नहीं दिया गया तो नाम सूची से हटा दिया जाएगा।
“मुफ्त प्रक्रिया, फिर भी वसूली क्यों?”
जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना की सत्यापन प्रक्रिया पूर्णतः नि:शुल्क है। प्रशासन ने भी साफ तौर पर कहा है कि सत्यापन, सर्वे, और डेटा एंट्री जैसे किसी भी कार्य के लिए कोई भी कर्मचारी या अधिकारी यदि पैसे की मांग करता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बावजूद इसके, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में गरीब हितग्राही मजबूरी में घूस देने को विवश हैं।
डर से चुप हैं ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि पैसे की मांग करने वाले कर्मचारी उन्हें डराते-धमकाते हैं कि यदि बात सार्वजनिक की तो उनका नाम लिस्ट से काट दिया जाएगा। डरे-सहमे ग्रामीण किसी से शिकायत भी नहीं कर पा रहे हैं, और इसी का फायदा उठाकर उगाही करने वालों का हौसला और बढ़ता जा रहा है।
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन इस भ्रष्टाचार पर क्या कार्रवाई करता है? क्या दोषी कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही होगी या फिर “आवास सत्यापन के नाम पर लूट” का यह खेल यूं ही चलता रहेगा?















